Saturday, 30 September 2023

Sunil shetty suerstar ki khani

 लगातार 19 फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर तोड़ दम, लेकिन रत्ती भर नहीं घटा स्टार्डम


सुनील शेट्टी के करियर की गाड़ी चल निकली. इसके बाद 1994 में ही सुनील शेट्टी की फिल्म 'गोपी कृष्ण' आई और उन्हें सुपरस्टार बना गई. दमदार बॉडी होने के कारण सुनील शेट्टी को लोगों ने एक्शन हीरो के तौर पर तरजीह दी और उन्हें आम आदमी का हीरो बना दिया.


इसके 1997 में आई फिल्म 'बॉर्डर' सुनील शेट्टी के करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई. 90 के दशक में शुरू हुआ सुनील शेट्टी का करियर 2000 के दशक में अपने पीक पर रहा. एक्शन के साथ कॉमेडी फिल्मों में भी सुनील शेट्टी ने गहरी छाप छोड़ी. 2000 में रिलीज हुई 'हेरा फेरी' में सुनील शेट्टी का किरदार कॉमेडी की दुनिया का कोहिनूर बन गया. (फोटो साभार-Instagram@athiyashetty, suniel.shetty, ahan.shetty)


 

2000 के दशक में 'खेल', 'रख्त', 'धड़कन', 'आवारा दीवाना पागल', 'एलओसी कारगिल', 'रिफ्यूजी' जैसी दमदार फिल्में दीं. लेकिन साल आया 2007 का और सुनील शेट्टी के किस्मत के सितारे फिर गए. 2007 में फिल्म रिलीज हुई 'शूटआउट एट वडाला'. ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर एवरेज रही. इसके बाद से सुनील शेट्टी की फिल्में फ्लॉप होने लगीं. 2009 में सुनील शेट्टी की फिल्म 'दे दना दन' रिलीज हुई. इस फिल्म ने भी एवरेज कमाई की और लोगों को काफी पसंद आई. बस यही वो फिल्म थी जिसने सुनील शेट्टी को बॉक्स ऑफिस पर सकारात्मक रिजल्ट दिया. इस फिल्म के बाद से सुनील शेट्टी की किस्मत उनका साथ छोड़ गई. इसके बाद रिलीज हुईं फिल्में 'तुम मिलो तो सही', 'थैंक्यू', 'देसी कट्टे' समेत लगातार 12 फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फुस्स हो गईं. (फोटो साभार-Instagram@athiyashetty, suniel.shetty, ahan.shetty)


 

एक के बाद एक फ्लॉप देने के बाद सुनील शेट्टी का करियर ढलान पर जाने लगा. साल 2017 में सुनील शेट्टी आखिरी बार बड़े पर्दे पर फिल्म 'अ जेंटलमैन-सुंदर सुशील रिस्की' में नजर आए थे. इसके बाद 6 साल से सुनील शेट्टी बड़े पर्दे से गायब हैं. हालांकि लगातार 12 फ्लॉप फिल्में देने के बाद भी सुनील शेट्टी की स्टार्डम पर कोई फर्क नहीं पड़ा है. (फोटो साभार-Instagram@athiyashetty, suniel.shetty, ahan.shetty)


 

सुनील शेट्टी अब टीवी के शो होस्ट करते हैं और वेबसीरीज में भी अपना जलवा दिखाते नजर आते हैं. हालांकि अब 6 साल से सुनील शेट्टी फिल्मों में काम के लिए तरस रहे हैं. बीते साल 2022 में रिलीज हुई वेबसीरीज 'धारावी बैंक' में सुनील शेट्टी नजर आए थे. इसके साथ ही रियालिटी शो भी सुनील शेट्टी होस्ट करते हैं. 62 साल की उम्र में सुनील शेट्टी दमदार बॉडी के मालिक हैं. (फोटो साभार-Instagram@athiyashetty, suniel.shetty, ahan.shetty)


 

आज भी सुनील शेट्टी की बॉडी देखकर यंगस्टर्स शर्मा जाते हैं. फिल्मी दुनिया और अट्रेक्टिव पर्सनालिटी के मामले में सुनील शेट्टी आज भी लाखों युवाओं के रोल मॉडल हैं. सुनील शेट्टी के फैन्स को अब उन्हें बड़े पर्दे पर देखने का बेसब्री से इंतजार है. अब देखना होगा कि सुनील शेट्टी बड़े पर्दे पर कब नजर आने वाले हैं.

Monday, 18 September 2023

Mithun chkrwarty a Superstar......

        80 का दशक में जब अमिताभ पूरी तरह से इंडस्ट्री में छाए हुए तो इसी दौरान अमिताभ की बादशाहत को किसी से कड़ी चुनौती मिली तो डिस्को डांसर मिथुन चक्रवर्ती से ही मिली इसी दौर में मिथुन ने एक के बाद एक कई हिट फिल्म दी  लेकिन   फिल्मों के box office verdict देने वाली वेबसाइटों ने मिथुन दा की मुख्य धारा की फिल्मों को लाइन से फ्लॉप लिख रखा है... ऊटी जाने के बाद वाली तो सारी ही फिल्मों को डिजास्टर स्टेटस दे रखा है...ये आंकड़े विश्वसनीय नहीं है... भरोसेमंद नहीं है... लेकिन इन आंकड़ों को एक बार सच भी मान लें तो भी मिथुन दा एक सिनेमाई करिश्मा तो है ही।

       यहां 4-5 फिल्में फ्लॉप होते ही एक अभिनेता विवेक ओबेरॉय बन जाता है... फिर भी मिथुन दा को निर्माता निर्देशकों ने 300 से अधिक फिल्में दी...300 फिल्में तो यहां अभिषेक बच्चन, बॉबी देओल, तुषार कपूर,अक्षय खन्ना, कुमार गौरव को नहीं मिली जिनके पिता भी अभिनेता थे...300 फिल्में तो कभी आदित्य पंचोली,दीपक तिजोरी,चंकी पांडे, राहुल राय, रोनित रॉय को नहीं मिली... आखिर कुछ तो विशेष था मिथुन दा में जो एक डिजास्टर देने के बाद भी निर्माता उनसे कहते थे कि "एक डिजास्टर हमारे साथ भी दे ले भाई"।

       लेकिन जैसा कि मैंने पहले भी बताया कि ये आंकड़े विश्वसनीय नहीं है क्योंकि हर निर्माता लाभ में रहने के लिए ही फिल्में बनाता है कोई भी घाटा खाने को फिल्में नहीं बनाता... ऊटी वाली फिल्में बहुत ही कम बजट की होती थी उनमें निर्माता को कोई विशेष नुकसान भी नहीं होता था फिर भी चांडाल,चीता,शपथ, मुकद्दर,शेरा,शेर ए हिंदूस्थान, मिलिट्री राज, जैसी फिल्में बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के मामले में सफल रही थी हालांकि बाद में ऐसी फिल्मों में घाटा लगा था लेकिन शुरुआत में ये b grade फिल्में निर्माताओं के लिए लाभ का सौदा रही।

      मुख्य धारा की फिल्में फ्लॉप होने का कारण ये रहा कि वो साल में 15-16 फिल्में करते थे जिनमें सबके हिट होने की कोई गारंटी नहीं होती लेकिन उन फिल्मों में से 5-6 फिल्में हर साल हिट होती थी और 3-4 फिल्में औसत होती थी हालांकि आजकल औसत फिल्मों को भी फ्लॉप ही लिख दिया जाता है।

      अगर निर्माताओं को वास्तविक घाटा लगता तो मिथुन दा को लीड हीरो के रोल में कभी भी इतनी फिल्में नहीं मिलती....बाकि बॉक्स ऑफिस नतीजे कुछ भी कहें...आईएमडीबी की रेटिंग कुछ भी कहें...ये एक बहुत बड़ा सुपरस्टार हैं विशेषकर ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों में इनकी फिल्मों को वीसीआर पर बहुत चाव से देखा जाता था... इसके अलावा बीच बीच में ये अवार्ड जीतने वाला प्रदर्शन भी कर देते थे जिसके कारण इन्हें तीन तीन नेशनल अवार्ड मिलें।


Sunday, 17 September 2023

INDIA NE SHANDAR TARIKE SE JEETA ASIA CUP 2023

 मोहम्मद सिराज ने 6 विकेट चटका कर श्रीलंका को एशिया कप फाइनल में 50 पर ढेर कर दिया। बदले में भारत ने 263 गेंद बाकी रहते 10 विकेट से आठवां एशिया कप खिताब जीत लिया। यह रिमेनिंग बॉल्स के मामले में भारत की सबसे बड़ी जीत है। ईशान किशन 23 और शुभमन गिल 27 रन बनाकर नाबाद रहे। मोहम्मद सिराज वनडे की 16 गेंद पर 5 विकेट चटकाने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बन गए हैं। वर्ल्ड रिकॉर्ड की बात करें, तो चमिंडा वास ने भी 16 गेंद डालने के बाद 5 शिकार किए थे। मोहम्मद सिराज ने स्पेल की 32वीं गेंद पर छठा शिकार भी कर लिया। इसी वजह से श्रीलंका 208 गेंद बाकी रहते 15.2 ओवर में 50 पर ऑल आउट हो गया। मोहम्मद सिराज ने 7 ओवर में 21 रन देकर 6 विकेट चटकाए। जसप्रीत बुमराह को भी 1 सफलता मिली। हार्दिक पांड्या ने 2.2 ओवर में 3 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए। एशिया कप फाइनल में मियां मैजिक श्रीलंकाई बल्लेबाजों के सर चढ़कर बोला।


श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। जसप्रीत बुमराह ने कुशल परेरा को पारी की तीसरी ही गेंद पर पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। गेंद की पिचिंग अराउंड मिडिल स्टंप एंड स्विंग अवे। बुमराह गेंद को अंदर और बाहर दोनों तरफ स्विंग कराते हैं। इस बार आउटस्विंग मिली और विकेटकीपर केएल राहुल ने शानदार कैच पकड़ लिया। कुशल परेरा का खाता नहीं खुला और श्रीलंका को 1 पर पहला झटका लगा। इसके बाद मोहम्मद सिराज ने श्रीलंका की कमर तोड़कर रख दी। मियां भाई ने चौथे ओवर में 3 शिकार किए। श्रीलंका के बड़े-बड़े बल्लेबाज आ रहे थे और मोहम्मद सिराज के सामने घुटने टेक कर पवेलियन वापस जा रहे थे। चौथे ओवर की पहली गेंद लेंथ बॉल थी, जो टप्पा खाने के बाद अंदर की तरफ आई। पाथुम निसंका ने बल्ले का फेस खोलकर बिहाइंड स्क्वायर सिंगल लेने का प्रयास किया। पर बैकवर्ड पॉइंट पर उड़ते रवींद्र जडेजा ने शानदार कैच पकड़ लिया। निसंका ने 4 गेंद पर 2 रन बनाए और श्रीलंका को 8 पर दूसरा झटका लग गया। 


अब मैदान पर श्रीलंका के लिए टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले सदीरा समरविक्रमा आ चुके थे। मोहम्मद सिराज ने समरविक्रमा को तीसरी गेंद फुलर लेंथ की डाली, जो टप्पा खाने के बाद अंदर की तरफ आई। इनस्विंगर पर समरविक्रमा शॉट खेलने में लेट हो गए। गेंद का टप्पा मिडिल स्टंप पर था और वह पैड से जा टकराई। बॉल ट्रैकर से भी कंफर्म हो गया कि गेंद टॉप ऑफ द लेग स्टंप पर लगती। समरविक्रमा फाइनल में LBW होक खाता खोले बिना लौट गए। श्रीलंका का स्कोर 3 विकेट के नुकसान पर 8 रन हो गया। अब पाकिस्तान के खिलाफ टीम को जीत दिलाने वाले असलंका मैदान पर आए। सिराज ने फुलर लेंथ डिलीवरी ऑन ऑफ स्टंप डाली, जो थोड़ा रुक कर बल्ले पर आई। असलंका भी बगैर खाता खोले कवर्स पर ईशान किशन को आसान कैच थमा कर लौट गए। टीम का स्कोर 4 विकेट के नुकसान पर 8 रन हो गया। श्रीलंकाई बल्लेबाज समझ ही नहीं पा रहे थे कि मोहम्मद सिराज की कौन सी गेंद अंदर की तरफ आएगी और कौन सी गेंद बाहर जाएगी। अब चौथे ओवर की पांचवीं गेंद पर मोहम्मद सिराज के पास हैट्रिक लेने का मौका था। सारे फील्डर्स स्लिप में तैनात कर दिए गए थे। इसलिए बल्लेबाज धनंजय डिसिल्वा ने फुलर एंड स्ट्रेट डिलीवरी पर मिडऑन की दिशा से चौका जड़ दिया। मोहम्मद सिराज खुद गेंद के पीछे भाग कर सीमा रेखा तक गए।


यह बताने को काफी था कि सिराज किस शिद्दत के साथ क्रिकेट खेलते हैं। चाहे गेंदबाजी हो या फील्डिंग, सिराज किसी में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ते। चौथे ओवर की अंतिम गेंद मोहम्मद सिराज ने वाइड आउटस्विंगर डाली। धनंजय डिसिल्वा के बल्ले का महीन किनारा विकेटकीपर राहुल के दस्तानों में चला गया। डिसिल्वा ने 2 गेंद पर 200 की स्ट्राइक रेट के साथ 4 रन बनाए और श्रीलंका को 12 पर पांचवां झटका लग गया। मोहम्मद सिराज ने किसी ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड की विकेट पर नहीं, बल्कि कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम की स्पिनर्स के लिए अनुकूल विकेट पर एक ही ओवर में 4 विकेट चटका दिया। मियां मैजिक अपने चरम पर पहुंच चुका था। लंबे अरसे से यह सवाल लोगों के मन में था कि विश्व कप में जसप्रीत बुमराह के साथ दूसरा तेज गेंदबाज कौन होना चाहिए? मोहम्मद सिराज ने जुबान से कुछ नहीं कहा, बल्कि अपने धमाकेदार प्रदर्शन से जवाब दे दिया। अब यह तय हो गया है कि वर्ल्ड कप में बुमराह के साथ सिराज की ही जोड़ी जमेगी। 


मोहम्मद सिराज ने छठे ओवर की अंतिम गेंद मिडिल स्टंप पर रखी और हल्का सा मूवमेंट हासिल किया। शनाका मूवमेंट से बीट हो गए और स्टंप्स उखड़ कर जमीन पर आ गिरे। शनाका 4 गेंद खेलकर खाता नहीं खोल सके। 12 के स्कोर पर छठा श्रीलंकाई बल्लेबाज पवेलियन लौट गया। एक कुसल मेंडिस थे, जो शुरुआत से ही विकेट पर टिके हुए थे। मोहम्मद सिराज में उन्हें 12वें ओवर की दूसरी फुलर लेंथ गेंद पर नॉकआउट कर दिया। बल्ले का अंदरूनी किनारा और अगले ही पल स्टंप्स जमीन पर पड़े हुए थे। श्रीलंका को 33 पर सातवां झटका लगा। लंबे अरसे से फास्ट बॉलिंग का ऐसा खौफनाक नजारा नहीं दिखा था। मोहम्मद सिराज श्रीलंकाई बल्लेबाजों के लिए वह एग्जाम पेपर बनकर आए, जिसे देखकर ही श्रीलंकाई बल्लेबाज खौफजदा हो गए। अंतिम 3 विकेट हार्दिक पांड्या ने हासिल किए। 1999-2000 के कोका-कोला चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में श्रीलंका ने भारत को 54 पर ऑल आउट कर दिया था। भारत ने 24 साल बाद श्रीलंका को एशिया कप फाइनल में 50 पर निपटा कर बदला ले लिया। फिर 10 विकेट से मुकाबला भी जीत लिया।   यह भी बताएं कि क्या भारत विश्व कप फतह कर सकता है? 🌻p


Thursday, 14 September 2023

Ajay Jadeja Indian Batsman ki khani...superstar batsman

 एशिया कप अब शुरू होने वाला है तो हम याद करेंगें कुछ बेस्ट बैट्समैन को। 

अजय जडेजा एक दौर में भारत ही नहीं दुनिया के बेहतरीन ऑलराउंडर में शुमार थे।अजय जड़ेजा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में करीब 6 हजार रन बनाए।जडेजा ने अपने करियर में कई कमाल की पारियां खेलीं लेकिन 1996 के वर्ल्ड कप क्वार्टर फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ  उनके आक्रामक अंदाज को आज भी याद किया जाता है।अजय जडेजा ने तब वकार यूनिस के एक ही ओवर में अनिल कुंबले के साथ मिलकर 22 रन बना डाले थे।25 गेंदों पर 45 रन की यादगार पारी खेली।


अजय जडेजा का जन्म 1 फरवरी 1971 में गुजरात के जामनगर में हुआ। उनका जन्म एक ऐसे क्रिकेट वंशावली परिवार में हुआ जहा पर उनके रिश्तेदार के एस रणजीत सिंहजी जिनके नाम पर रणजी ट्राफी और के एस दुलीप सिंहजी जिनके नाम पर दुलीप ट्राफी का नाम पड़ा।


जडेजा ने भारतीय क्रिकेट के 1992 से 2000 तक नियमित खिलाडी थे। उन्होंने 15 टेस्ट मचेस और 196 एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले खेले है।उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ एक मैच में एक ओवर में 3 रन देकर 3 विकेट लेकर शारजाह मैदान पर भारत को यादगार जीत दिलाई थी। 13 एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलों में उन्होंने भारत के लिए कप्तानी की।


हमारी भारतीय क्रिकेट टीम का मैच जब किसी भी प्रतिद्वंद्वी टीमों से होता उस समय जब सचिन ,सौरभ, राहुल द्रविड़ जब ऑउट हो जाते थे तब हमारी उम्मीद बन जाते थे रॉबिन सिंह औऱ अजय जड़ेजा।हम कहते थे " अभी अजय जड़ेजा औऱ रोबिन सिंह क्रिज पर है "। सच कहूँ तो 90 में भारतीय फील्डिंग की जान थे अजय जड़ेजा औऱ रोबिन सिंह। 


अजय जडेजा का नाम मैच फिक्सिंग में उस वक्त आया था जब वह क्रिकेट के बेहतरीन फॉर्म में थे। इस विवाद के बाद उन पर 5 साल का बैन भी लगाया गया था।बाद में दिल्ली हाई कोर्ट ने यह बैन हटा दिया था और साल 2003 में जडेजा ने घरेलू क्रिकेट में वापसी की थी।कमबैक के बाद वह ज्यादा सफल नहीं रहे और उन्होंने क्रिकेट कॉमेंटेटर बनना चुन लिया।


#cricket #ajayjadeja 

Tuesday, 12 September 2023